दोस्तों क्या आप जानते हैं कि अगर धोनी 2003 विश्वकप टीम इण्डिया के लिए खेलते तो टीम इण्डिया विश्वकप जीत सकती थी

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि अगर धोनी 2003 विश्वकप टीम इण्डिया के लिए खेलते तो टीम इण्डिया विश्वकप जीत सकती थी

( India Could Have Won 2003 World Cup If MS Dhoni Was There )- धोनी 2003- साल 2003 का क्रिकेट विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे तथा केन्या में आयोजित किया गया था जिसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को फाइनल में शिकस्त दी थी. उस समय भारतीय टीम की कप्तानी सौरव गांगुली के हाथों में थी जिन्होंने बखूबी निभाई लेकिन फाइनल नहीं जीत पाये थे.


अब लोगों का यह कहना है कि क्या धोनी अगर वो विश्व कप खेलते तो क्या भारत जीत सकता था. इस सवाल में हमने जो जवाब दिया है वो आप खुद नीचे देख सकते है.




धोनी अगर खेलते तो क्या भारत जीत सकता था 2003 का विश्व कप |India Could Have Won 2003 World Cup


जानकारी के लिए आपको बता दें कि एमएस धोनी जिन्होंने साल 2004 में भारतीय क्रिकेट टीम में कदम रखा था और जब यह टूर्नामेंट खेला जा रहा था उस समय माही का घरेलू सर्किट में कुछ ऐसा ख़ास प्रदर्शन नहीं था और साथ ही उस समय टीम इंडिया में विकेटकीपर के रूप में राहुल द्रविड़ सबसे उपयुक्त थे.



अगर हम याद करें तो, उस विश्वकप में भारतीय टीम ने काफी शानदार प्रदर्शन किया था और महज दो मैचों को जीत नहीं पाया था और यह दोनों मुकाबले ऑस्ट्रेलिया से हारे थे. फाइनल मुकाबले में भारत 7 बल्लेबाजों के साथ खेला था और हर एक अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन जीत नहीं सका था. अगर हम गेंदबाजों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों में पेसर तिकड़ी (श्रीनाथ, जहीर और नेहरा) थे. सचिन और सहवाग के साथ-साथ पार्ट टाइमर्स के रूप में हरभजन स्पिन मुख्य स्पिनर थे. पूरे टूर्नामेन्ट में भारत का जलवा था. सचिन तेंदुलकर सबसे ज्यादा 673 रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे.

लेकिन हमारा यह मानना है कि अगर धोनी उस विश्व कप में खेलते तो शायद ही कोई फर्क पड़ता. दरअसल बात यह है कि टीम इंडिया मैनेजमेंट किसी अनुभवी को बाहर करके ऐसे बड़े टूर्नामेंट में युवा को मौका भी नहीं देना चाहती. अगर दे भी देती तो घरेलू मैदानों से एकदम धोनी अच्छा प्रदर्शन शायद ही कर पाते क्योंकि हमने देखा है कि अब तक भी माही का बल्ला एशिया में ही अच्छा चलता है.


विश्वकप 2003 उस समय के कप्तान सौरव  गांगुली का ब्यान देखिये 

खुद उस टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने यह बात एक कार्यक्रम में स्वीकार की थी कि हाँ अगर धोनी टीम में होते तो टीम इण्डिया विश्वकप फाइनल मैच जीत सकती  थी. धोनी होते तो टीम इण्डिया की बल्लेबाजी में ऊपरी क्रम में तूफानी बल्लेबाज टीम के पास होता।

इस तरह इस फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया से 125 रनों के अंतर से हारना पड़ा था. लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में 2011 में खेले गए विश्व कप में 28 सालों बाद खिताब जितवाया था. इससे पूर्व 2007 के टी-20 विश्व कप में भी ट्रॉफी उठाई थी.

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क्या युवराज सिंह विश्वकप 2019 तक इंडियन टीम में वापसी कर पायेंगे? युवराज के बिना आधी है टीम इण्डिया

क्या युवराज सिंह विश्वकप 2019 में खेलते हुए नजर आएंगे? यह सवाल अक्सर एक्सपर्ट से पूछा जाता है. आपको बता दें कि क्रिकेट पंचायत के एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि युवराज सिंह का विश्वकप 2019 खेलना अब काफी हद तक मुश्किल हो गया है.


युवराज सिंह साल 2007 में टी20 विश्वकप और इसके बाद विश्वकप 2011 में धमाल दिखाते हुए नजर आए थे और अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजों से ही टीम इंडिया को मैच जीत आते हुए दिख रहे थे. शायद अब यह युवराज कहानियों में ही नजर आने वाला है. आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्यों युवराज सिंह का इंडिया में वापसी करना काफी मुश्किल हो गया है-


Yuvraj Singh retirement after 2019 world cup


युवराज सिंह की फिटनेस कब इतनी अच्छी नजर नहीं आती है. आपको बता दें कि युवराज सिंह एक समय अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते थे लेकिन आज वही युवराज सिंह लगातार मैदान के ऊपर खराब फील्डिंग करता हुआ दिखता है और कई बार तो आसान से कैच भी युवराज नहीं कर पा रहे हैं. युवराज सिंह ने अपना लास्ट टेस्ट साल 2012 में ईडन गार्डन पर इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, तो वहीं इन्होंने अपना लास्ट वनडे मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ साल 2017 में खेला था. टी 20 की बात करें तो इन्होंने साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम पर अपना आखिरी ट्वेंटी मैच खेला है.


युवराज सिंह पिछले कुछ 1 साल में काफी खराब प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं. साथ ही साथ दूसरे युवा खिलाड़ी अब युवराज सिंह से ज्यादा अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं. तो यह पहला कारण है कि शायद अभी युवराज सिंह का टीम इंडिया में वापसी करना मुश्किल हो जाएगा.




आईपीएल 2018 में युवराज सिंह की फॉर्म


दूसरा कारण बताएं तो दूसरा कारण यह है कि इस आईपीएल 2018 में युवराज सिंह की फॉर्म काफी खराब नजर आई है. सिंह ने इस बार आईपीएल के अंदर किसी भी तरीके से अपनी टीम किंग्स इलेवन पंजाब की मदद नहीं की है. युवराज सिंह ने आईपीएल के सीजन में 8 मैच खेले हैं 8 मैच में इन्होंने मात्र 65 रन बनाए हैं. इसी रिकॉर्ड को देखकर बोला जा सकता है कि युवराज सिंह शायद ही इंडियन क्रिकेट टीम में वापसी कर पाए.


आप अगर हमारे क्रिकेट एक्सपर्ट से किसी भी तरीके का कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो आप हमें सोशल मीडिया या कमेंट बॉक्स से अपने सवाल भी पूछ सकते हैं.

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सुनील गावस्कर ने दिया इन्डियन टीम को लेकर विवादित ब्यान, बोले मैं वनडे और ट्वेंटी20 जीत से नहीं हूँ बिलकुल भी खुश

Sunil Gavaskar Unhappy- इंडियन टीम ने बेशक फाइनल मैच दक्षिण अफ्रीका को हराकर ट्वेंटी-20 सीरीज पर कब्जा कर लिया हो, लेकिन इंडियन टीम के पूर्व सीनियर खिलाड़ी सुनील गावस्कर पूरी तरह से खुश नजर नहीं आये हैं. आपको बता दें कि सुनील गावस्कर ने किसी एक खिलाड़ी या फिर टीम के किसी भी सदस्य पर ऊँगली नहीं उठाई है.

सोनी टीवी पर मैच के बाद मैदान से जो बात सुनील गावस्कर ने बोली है अगर उसको समझ कर पढ़ा जाए तो आप भी बोलेंगे कि बात तो सर सुनील ने पते की बोली है. दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर सुनील गावस्कर इन्डियन टीम की मौकों पर मदद करते हुए भी नजर आये थे. तो आपको बताते हैं कि मैच के बाद सुनील गावस्कर जी ने क्या बोला है-Sunil Gavaskar Unhappy


Sunil Gavaskar Unhappy


आपको बता दें कि इंडियन टीम ने दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज और टी-20 सीरीज पर जबरदस्त रूप से कब्जा किया है. घर वापस आ रही टीम इंडिया इस बार दक्षिण अफ्रीका में सारा बदला पूरा करके आ रही है लेकिन इसके बावजूद भी सुनील सर खुश नहीं थे. मैच के बाद इंडिया के इस दौरे को वह किस तरीके से देखते हैं यह सवाल पूछा गया था. तो उनका जवाब सुनकर एक बार को सभी हैरान हो गए थे.


Sunil Gavaskar Unhappy


पूर्व सीनियर खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने बताया कि अगर इंडियन टीम वनडे और टी-20 सीरीज के साथ में टेस्ट सीरीज भी जीत जाती तो निश्चित रूप से यह एक बड़ी बात होती. वही आगे उन्होंने बोला कि अगर टेस्ट सीरीज टीम इंडिया ड्रॉ भी कर लेती तो भी एक बड़ी बात समझी जाती. लेकिन टेस्ट सीरीज हारने से कहीं न कहीं इंडियन टीम की असली ताकत विश्व में कमजोर नजर आई है.


Sunil Gavaskar Unhappy


सुनील गावस्कर इंडियन टीम की ट्वेंटी और वनडे सीरीज कि जीत से खुश तो थे लेकिन उनको बस यही कमी खल रही थी खास टेस्ट सीरीज इण्डिया ना हारती. लेकिन उनका कहने का अर्थ यही था कि टीम इंडिया अगर घर के बाहर भी टेस्ट सीरीज जीत जाती तो इससे इंडियन टीम की टेस्ट में बादशाहत और भी ज्यादा ताकतवर हो जाती. शायद सुनील गावस्कर जो बोलना चाह रहे थे वह कैमरे पर होने की वजह से बोल नहीं पाए. सुनील गावस्कर यह बोलना चाह रहे थे कि वनडे और टी-20 में इस बार दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम नजर नहीं आई है. जिस तरीके से साउथ अफ्रीका के कप्तान फाफ डू प्लेसी और मुख्य खिलाड़ी एबी डिविलियर्स टीम से बाहर थे तो यही कारण है कि इंडियन टीम में बड़ी आसानी से 20 और वनडे सीरीज में जीत दर्ज की है.

अब आप ही पढ़कर बताये कि क्या सर सुनील गावस्कर जी ने गलत बोला है? दरअसल सुनील गावस्कर का बोलना है कि इन्डियन टीम इस जीत से ज्यादा खुश ना हो क्योकि आगे अभी दूसरे कई अहम मुकाबलों को जीतना होगा ताकि विश्व में टीम इण्डिया और कप्तान कोहली नम्बर एक के पायदान पर बने रहें.

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सुरेश रैना को गन्दी बीमारी- इसको कर दिया रैना ने खुद से दूर तो बना देंगे फाइनल में देखना पक्का 30 गेंद पर धमाकेदार 100 रन वाला शतक

Suresh Raina Batting- भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच में चल रही टी20 सीरीज अब इस बार पहले से ज्यादा रोमांचक हो गयी है. अब सीरीज 1 और 1 की बराबरी पर आ गई है. शुरू में ऐसा लग रहा था कि जैसे इंडियन टीम बड़ी आसानी से ट्वेंटी-20 सीरीज को भी जीत लेगी. लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने एक शानदार पलटवार करके यह दिखा दिया है कि दक्षिण अफ्रीका अभी भी ट्वेंटी 20 के फॉर्मेट में इतनी कमजोर टीम नहीं है कि भारत उसको इतनी आसानी से हरा देगा.

दक्षिण अफ्रीका के पास इस समय क्लासेन जैसा एक शानदार खिलाड़ी है जो मात्र 2 से 3 ओवर में ही पूरा मैच पलट सकता है. दूसरे ट्वेंटी-20 मैच में क्लासेन ने ही जैसे की मैच दक्षिण अफ्रीका की झोली में डाल दिया था. जब यह बल्लेबाज आउट हुआ तो तब तक तो मैच का कि जैसे कि पलट गया था. इन्डियन टीम के पास रैना जैसा शानदार खिलाड़ी मौजूद है लेकिन रैना शानदार शुरुआत को ज्यादा अच्छा बना नहीं पा रहे हैं. तो आइये आपको हम सुरेश रैना की एक ऐसी बीमारी के बारें में बताते हैं जो रैना को अभी भी परेशान कर रही है- Suresh Raina Batting


Suresh Raina Batting

दूसरे ट्वेंटी-20 मैच में सुरेश रैना की बात करें तो वह भी अच्छा रन बनाते हुए नजर आए थे. रैना अभी तक दोनों नहीं मैच में अच्छा रन बनाते हुए दिखे तो जरूर है लेकिन उस अच्छी शुरुआत को यह बल्लेबाज अभी तक बड़े स्कोर में कन्वर्ट नहीं कर पाए हैं.


Suresh Raina Batting





रैना शायद से बात जानते होंगे कि वह दोनों मैच में किस तरह की गलती करके आउट हुए हैं. आपको बता दें कि सुरेश रैना गेंद के आने से पहले ही दो से तीन कदम आगे निकल आते हैं. छोटे-छोटे से कदम जब रैना विकेट के सामने लाते हैं तो वह गेंदबाज के गेंद डालने से पहले ही विकेट्स के सामने आ जाते हैं. तब विपक्षी गेंदबाज या तो उनके पैरों पर वार करता है या फिर गेंद को सीधा विकेट्स पर देता है क्योंकि रैना के दोनों कदम इस समय विकेट के सामने होते हैं.

Suresh Raina Batting


ऐसा नहीं है कि सुरेश रैना इस गलती को पहली बार दोहरा रहे हैं. इससे पहले भी टीम से आउट होने से पहले आपको याद हो तो रैना इसी तरह से बार-बार यही गलती कर रहे थे. जब रैना विकेट के सामने होते हैं और गेंद मिस करते हैं तो उनके एलबीडबल्यू की संभावना ज्यादा होती हैं.

विपक्षी टीम के गेंदबाज सुरेश रैना को उनके पैरों के पीछे से बोल्ड आउट भी पहले ज्यादा करने लगे थे. अभी अगर रैना अपनी इस गलती पर काम कर लें तो निश्चित रूप से इनके अंदर अभी इतना सारा क्रिकेट है कि   वह 20 गेंद पर अर्द्धशतक तो लगा ही सकते हैं.

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