क्या युवराज सिंह विश्वकप 2019 तक इंडियन टीम में वापसी कर पायेंगे? युवराज के बिना आधी है टीम इण्डिया

क्या युवराज सिंह विश्वकप 2019 तक इंडियन टीम में वापसी कर पायेंगे? युवराज के बिना आधी है टीम इण्डिया

क्या युवराज सिंह विश्वकप 2019 में खेलते हुए नजर आएंगे? यह सवाल अक्सर एक्सपर्ट से पूछा जाता है. आपको बता दें कि क्रिकेट पंचायत के एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि युवराज सिंह का विश्वकप 2019 खेलना अब काफी हद तक मुश्किल हो गया है.


युवराज सिंह साल 2007 में टी20 विश्वकप और इसके बाद विश्वकप 2011 में धमाल दिखाते हुए नजर आए थे और अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजों से ही टीम इंडिया को मैच जीत आते हुए दिख रहे थे. शायद अब यह युवराज कहानियों में ही नजर आने वाला है. आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्यों युवराज सिंह का इंडिया में वापसी करना काफी मुश्किल हो गया है-


Yuvraj Singh retirement after 2019 world cup


युवराज सिंह की फिटनेस कब इतनी अच्छी नजर नहीं आती है. आपको बता दें कि युवराज सिंह एक समय अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते थे लेकिन आज वही युवराज सिंह लगातार मैदान के ऊपर खराब फील्डिंग करता हुआ दिखता है और कई बार तो आसान से कैच भी युवराज नहीं कर पा रहे हैं. युवराज सिंह ने अपना लास्ट टेस्ट साल 2012 में ईडन गार्डन पर इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, तो वहीं इन्होंने अपना लास्ट वनडे मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ साल 2017 में खेला था. टी 20 की बात करें तो इन्होंने साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम पर अपना आखिरी ट्वेंटी मैच खेला है.


युवराज सिंह पिछले कुछ 1 साल में काफी खराब प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं. साथ ही साथ दूसरे युवा खिलाड़ी अब युवराज सिंह से ज्यादा अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं. तो यह पहला कारण है कि शायद अभी युवराज सिंह का टीम इंडिया में वापसी करना मुश्किल हो जाएगा.




आईपीएल 2018 में युवराज सिंह की फॉर्म


दूसरा कारण बताएं तो दूसरा कारण यह है कि इस आईपीएल 2018 में युवराज सिंह की फॉर्म काफी खराब नजर आई है. सिंह ने इस बार आईपीएल के अंदर किसी भी तरीके से अपनी टीम किंग्स इलेवन पंजाब की मदद नहीं की है. युवराज सिंह ने आईपीएल के सीजन में 8 मैच खेले हैं 8 मैच में इन्होंने मात्र 65 रन बनाए हैं. इसी रिकॉर्ड को देखकर बोला जा सकता है कि युवराज सिंह शायद ही इंडियन क्रिकेट टीम में वापसी कर पाए.


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बड़ी वजह आई सामने, इसलिए 2019 विश्वकप में कोहली की जगह धोनी को बना देना चाहिए टीम इण्डिया का कप्तान

जैसे-जैसे आईसीसी क्रिकेट विश्वकप 2019 नजदीक आ रहा है लोगों में क्रेज और बढ़ रहा है. साथ ही भारतीय टीम भी लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूती और बढ़ा रही है. बता दें कि टीम इंडिया के वर्तमान कप्तान विराट कोहली की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं और चौथे टेस्ट में काफी जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है. पहली पारी में 622 रनों के जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पारी 300 रन बनाकर सिमट गई और अभी फॉल ऑन कर रही है.


2019 का विश्व कप बेहद नजदीक है पहला मुकाबला 30 मई को इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच होगा. वहीं भारत का पहला मैच 5 जून को अफ्रीका के साथ ही खेला जाने वाला है. अब लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या महेंद्र सिंह धोनी को 2019 के विश्व कप में एक बार फिर से कप्तानी देनी चाहिए या नहीं. तो आज हम इसी सवाल के जवाब में आपको विस्तार से बताएंगे.



क्या धोनी को एक बार फिर सौंप देनी चाहिए 2019 के विश्वकप में कप्तानी?


जैसा कि आपको बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी आज किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम के कप्तान नहीं है. वर्तमान समय में विराट कोहली टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे हैं और काफी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को नई-नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहे हैं. वनडे रैंकिंग में आज भारत दूसरे स्थान पर हैं तो टेस्ट में पहले पायदान पर और टी-20 की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर बनी हुई है. इन सब में विराट कोहली का सबसे बड़ा हाथ है इस कारण हम यही कहेंगे कि महेंद्र सिंह धोनी को 2019 के विश्व कप में कप्तान बनाना सही फैसला होगा क्योंकि विराट आज एक शानदार कप्तान के अलावा बल्लेबाज भी हैं और लगातार टीम इंडिया को जीत दिलाते आ रहे हैं.


इस कारण विराट कोहली ही कप्तान बेहतर रह सकते हैं. विराट आज दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनकर उभरे है और सचिन के रिकॉर्ड लगातार तोड़ते आ रहे है.



साथ ही आपको बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों काफी खराब फॉर्म में चल रहे हैं. लेकिन सभी को उम्मीद यही है कि वह आगामी विश्व कप में जगह बनाकर अच्छा खेलेंगे और अपने लंबे करियर का समापन करेंगे. 2011 के विश्व कप में धोनी ने अपनी कप्तानी में छक्के की मदद से फाइनल मैच में भारत को जीताया था.

यह जरूर पढ़ें- दोस्तों जरूर पढ़िए कि आखिर क्यों इंडियन क्रिकेट टीम जीत सकती है 2019 क्रिकेट विश्वकप?

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दोस्तों क्या आप जानते हैं कि अगर धोनी 2003 विश्वकप टीम इण्डिया के लिए खेलते तो टीम इण्डिया विश्वकप जीत सकती थी

( India Could Have Won 2003 World Cup If MS Dhoni Was There )- धोनी 2003- साल 2003 का क्रिकेट विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे तथा केन्या में आयोजित किया गया था जिसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को फाइनल में शिकस्त दी थी. उस समय भारतीय टीम की कप्तानी सौरव गांगुली के हाथों में थी जिन्होंने बखूबी निभाई लेकिन फाइनल नहीं जीत पाये थे.


अब लोगों का यह कहना है कि क्या धोनी अगर वो विश्व कप खेलते तो क्या भारत जीत सकता था. इस सवाल में हमने जो जवाब दिया है वो आप खुद नीचे देख सकते है.




धोनी अगर खेलते तो क्या भारत जीत सकता था 2003 का विश्व कप |India Could Have Won 2003 World Cup


जानकारी के लिए आपको बता दें कि एमएस धोनी जिन्होंने साल 2004 में भारतीय क्रिकेट टीम में कदम रखा था और जब यह टूर्नामेंट खेला जा रहा था उस समय माही का घरेलू सर्किट में कुछ ऐसा ख़ास प्रदर्शन नहीं था और साथ ही उस समय टीम इंडिया में विकेटकीपर के रूप में राहुल द्रविड़ सबसे उपयुक्त थे.



अगर हम याद करें तो, उस विश्वकप में भारतीय टीम ने काफी शानदार प्रदर्शन किया था और महज दो मैचों को जीत नहीं पाया था और यह दोनों मुकाबले ऑस्ट्रेलिया से हारे थे. फाइनल मुकाबले में भारत 7 बल्लेबाजों के साथ खेला था और हर एक अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन जीत नहीं सका था. अगर हम गेंदबाजों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों में पेसर तिकड़ी (श्रीनाथ, जहीर और नेहरा) थे. सचिन और सहवाग के साथ-साथ पार्ट टाइमर्स के रूप में हरभजन स्पिन मुख्य स्पिनर थे. पूरे टूर्नामेन्ट में भारत का जलवा था. सचिन तेंदुलकर सबसे ज्यादा 673 रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे.

लेकिन हमारा यह मानना है कि अगर धोनी उस विश्व कप में खेलते तो शायद ही कोई फर्क पड़ता. दरअसल बात यह है कि टीम इंडिया मैनेजमेंट किसी अनुभवी को बाहर करके ऐसे बड़े टूर्नामेंट में युवा को मौका भी नहीं देना चाहती. अगर दे भी देती तो घरेलू मैदानों से एकदम धोनी अच्छा प्रदर्शन शायद ही कर पाते क्योंकि हमने देखा है कि अब तक भी माही का बल्ला एशिया में ही अच्छा चलता है.


विश्वकप 2003 उस समय के कप्तान सौरव  गांगुली का ब्यान देखिये 

खुद उस टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने यह बात एक कार्यक्रम में स्वीकार की थी कि हाँ अगर धोनी टीम में होते तो टीम इण्डिया विश्वकप फाइनल मैच जीत सकती  थी. धोनी होते तो टीम इण्डिया की बल्लेबाजी में ऊपरी क्रम में तूफानी बल्लेबाज टीम के पास होता।

इस तरह इस फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया से 125 रनों के अंतर से हारना पड़ा था. लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में 2011 में खेले गए विश्व कप में 28 सालों बाद खिताब जितवाया था. इससे पूर्व 2007 के टी-20 विश्व कप में भी ट्रॉफी उठाई थी.

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कप्तान विराट कोहली ने खोजे ऑस्ट्रेलिया टी20 सीरीज के लिए महेंद्र सिंह धोनी के 2 विकल्प, टीम को मिले नए फिनिशर

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया लगातार मेहनत करती हुई नजर आ रही है. आपको बता दें कि 21 नवंबर से शुरू होने वाली इस टेस्ट सीरीज पर विराट कोहली की साख दांव पर लगी हुई है. घर के बाहर जाकर कप्तान विराट कोहली को अपनी काबिलियत साबित करने का यह एक अच्छा मौका है. ऑस्ट्रेलिया टीम से इस समय स्टीव स्मिथ और साथ ही डेविड वॉर्नर भी बाहर हैं तो ऐसे में यहां विराट कोहली के पास एक अच्छा मौका है कि वह टीम को जीत दिलाकर ही घर वापस लौटें.


लेकिन टीम इंडिया के लिए मुश्किल यह है कि टीम में इस समय महेंद्र सिंह धोनी नहीं हैं. ऐसे में हर किसी की नजर रहने वाली है कि आखिर महेंद्र सिंह धोनी की कमी कौन पूरी करता हुआ नजर आएगा.


ऑस्ट्रेलिया टी20 सीरीज के लिए महेंद्र सिंह धोनी के 2 विकल्प




बल्लेबाजी के अंदर महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के लिए एक फिनिशर बल्लेबाज का रोल अदा करते हैं और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हो रही है इस टी20 सीरीज में अगर किन्हीं दो खिलाड़ियों की बात करें जिनके ऊपर काफी अधिक दबाव रहने वाला है तो ऐसे में उनका नाम कुणाल पांड्या और दिनेश कार्तिक है.


इन दोनों ही खिलाड़ियों को महेंद्र सिंह धोनी के तरीके से चलाकी के साथ बल्लेबाजी भी करनी है और टीम को जीत दिलानी है.


क्रुणाल पंड्या ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में 3 मैच खेले हैं और यहां पर इनके बल्ले से 21 रन निकले हैं और यह एक बार नॉटआउट रहे हैं. साथ ही साथ उन्होंने अभी तक 78 रन देकर एक विकेट भी ले रखा है.




वहीं दूसरी तरफ दिनेश कार्तिक एक सीनियर खिलाड़ी हैं और इन्होंने टी20 क्रिकेट में 24 मैच खेलकर 300 रन बना रखे हैं. साथ ही साथ इनकी औसत टी20 क्रिकेट फॉर्मेट में 33 की रही है. बेशक कार्तिक का यह रिकॉर्ड काफी अच्छा नहीं है लेकिन इस सीरीज में दिनेश कार्तिक को महेंद्र सिंह धोनी की तरह से ही एक फिनिशर के रूप में काम करना होगा.


तो भारत और आस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में दिनेश कार्तिक और क्रुणाल पंड्या को धोनी की तरह से ही बल्लेबाजी करके इस सीरीज में महेंद्र सिंह धोनी का रोल अदा करना होगा.

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