थायराइड: थायरायड को जड़ से खत्म करने के 7 चमत्कारी घरेलू तरीके

थायराइड: थायरायड को जड़ से खत्म करने के 7 चमत्कारी घरेलू तरीके

Ayurvedic Treatment for Thyroid-थायराइड क्या होता है, थायराइड गले की ग्रंथि है जिसमें थायरोक्सिन हार्मोन बनता है. जब यह हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है तो यह एक बीमारी बनने लगता है. यह हार्मोन्स जब कम होने लगते हैं तब शरीर का  मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ जाता है. जिससे भूख ज्यादा लगती है और शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है.जब यह हार्मोंस अधिक बनने लगता है तो मेटाबॉलिज्म रेट धीमी हो जाती है. जिससे शरीर में ऊर्जा कम बनती है और सुस्ती और थकान ज्यादा महसूस होने लगती है.

आजकल यह बीमारी बुजुर्गों के साथ बच्चों को भी होने लगा है. जिसका उपाय ढूंढना बेहद जरूरी है. इसलिए आज के आर्टिकल में हम आपको इस रोग से निजात पाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपाय बताएंगे. जिससे आप भी अपनी जिंदगी सामान्य तरीके से जी सकेंगे. चलिए जानते हैं आखिर कौन कौन है वो आयुर्वेदिक उपाय जिससे व्यक्ति थायराइड जैसे रोग को अलविदा कह सकता है.



Remedies for thyroid in Ayurveda | थायराइड दूर करने के 7 अचूक आयुर्वेदिक उपाय


1. थायराइड होने पर आप शिग्रु पत्र, कांचनार, पुनर्नवा के काढ़ों का इस्तेमाल करें.काढ़ों का इस्तेमाल आप 30 से 50 मिली काढ़ा खाली पिएं. यह आपके थायराइड को कम करने में मदद करेगा.


2. इसके अलावाजलकुंभी, अश्वगंधा या विभीतकी का पेस्ट गवायटर के ऊपर लगाएं.पेस्ट को तब तक लगाना ना छोड़े जब तक की आपका सूजन कम न हो जाए. इन पौधों के स्वरस का प्रयोग करके आप थायराइड जैसी बीमारी से निजात पा सकते हैं.


3. एक आयुर्वेदिक उपाय यह भी है कि अलसी के 1 चम्मच चूर्ण का इस्तेमाल करें और थायराइड जैसी बीमारी से राहत पाएं.


4. यह बीमारी होने पर नारियल के तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं. सुबह श्याम खाली पेट 1 से 2 चम्मच नारियल का तेल गुनगुने दूध के साथ लीजिए आपको फायदा खुद नजर आएगा.


5. ऐसी कंडीशन में विभीतिका का चूर्ण, अश्वगंधा का चूर्ण और पुश्करबून का चूर्ण 3 ग्राम शहद के साथ में या फिर गुनगुने पानी के साथ में दिन में दो बार इस्तेमाल करें. आप को बहुत राहत मिलेगी.


6. अगर आप थायराइड से बेहद परेशान है तो धनिये का पानी पिएं. धनिये के पानी को बनाने के लिए आप शाम को तांबे के बर्तन में पानी लेकर उसमें 1 से 2 चम्मच धनिये को भिगो दें. उसके बाद सुबह इसे अच्छी तरह से मसल कर छान कर पिएं.धीरे-धीरे आपको अपनी सेहत में सुधार नजर आएगा.


7. पंचकर्मा की क्रियाएं जिसमें शिरो अभ्यंगम, पाद अभ्यंगम, शिरोधारा, वस्ति, विरेचन, उद्वर्तन और गले के क्षेत्र या थायराइड ग्रंथि पर हम रख सकते हैं. इस नस्यम को आप घर पर बहुत आसानी से कर सकते हैं. नस्यम करने के लिए गाय के घी को दो-दो बूंद पिघला के हम नाक में डालने पर आपको लाभ मिलेगा.


अगर आप भी थायराइड की बीमारी से परेशान हैं, तो इन आयुर्वेदिक उपायों से आप इस रोग से जल्दी छुटकारा पा सकते हैं. थायराइड के लक्षण देखते ही आपको इसका उपचार शुरू कर देना चाहिए.

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सर्वाइकल दर्द क्या होता है और कमर दर्द और सर्वाइकल पेन से बचे रहने के लिए 5 बेहतरीन योगासन

सर्वाइकल दर्द क्या होता है, आम लोगों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह किसी भी चीज को ज्यादा गंभीर तरीके से सोचना पसंद नहीं करते हैं. अपने बिजी लाइफ के कारण वह अपने शरीर के बारे में ठीक तरीके से सोच नहीं पाते. कैसे बैठना और उठना चाहिए यह बहुत कम लोग ध्यान देते हैं. जिससे आज कई सारे शारीरिक दर्द उत्पन्न हो रहे हैं. इस दर्द में कमर दर्द, पीठ दर्द, गर्दन दर्द, और रीड की हड्डी का दर्द भी शामिल हैं. हम आपको बता दें कि आप के अा सामान्य ढंग से बैठना उठना या चलने पर आपको कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. आमतौर पर लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. जिससे आपको आगे नुकसान पहुंचा सकता है.

इस तरह की चीजों पर ध्यान ना देने से आपकी तकलीफ बढ़ सकती है. इसलिए जरूरी है कि आप इसे गंभीर रूप से सोचें और इस पर काम करें. आज के आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे आसान योगासन बताएंगे जिससे आपका यह प्रॉब्लम बहुत आसानी से दूर हो सकता है. तो चलिए जानते हैं आखिर कौन से हैं वह योगासन जिससे आपका सर्वाइकल पेन दूर हो सकता है.


सर्वाइकल दर्द क्या होता है | जानिये सर्वाइकल पेन क्यों होता है


सर्वाइकल पेन रीढ़ की हड्डी से लेकर गर्दन तक में होने वाले दर्द को कहते हैं. कमर दर्द जो रीढ़ की हड्डी और गर्दन के पीछे हिस्से में होता है वह सर्वाइकल दर्द की निशानी है. अक्सर यह दर्द तब उत्पन्न होता है जब लगातार व्यक्ति एक ही पोजीशन में बैठा रहे या फिर कोई काम करते रहने से. आज हम आपको 5 योगासन बताते हैं जिनकी मदद से आपको सर्वाइकल दर्द में राहत मिलेगी-


सर्वाइकल पेन से बचे रहने के लिए 5 बेहतरीन योगासन




1. इसे दूर करने के लिए आप वज्रासन या सुखासन की स्थिति में बैठ सकते हैं. इस आसन में आप अपने दोनों हाथों की मुट्ठी बांधकर छाती के सामने रखे.फिर धीरे-धीरे सांस भरते हुए मुट्ठी को सामने की तरफ़ खीचें, ध्यान रहे कि हथेली की मुट्ठी आपस में खुलनी नहीं चाहिए.उसके बाद आप अपने कलाई को आगे की तरफ़ अधिक से अधिक खींचे.फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आपको वापस सामान्य स्थिति में आना है. इसे आप लगातार 10 से 15 बार दोहराएंगे. लगातार अभ्यास से हाथों से लेकर गर्दन तक की नाड़ियां खुल जाएंगी और सर्वाइकल का दर्द ठीक हो जाएगा.


2. आप सीधे वज्रासन या सुखासन की स्थिति में बैठ जाएं. धीरे-धीरे सांस भरते हुए गर्दन को मोड़ते हुए ऊपर की तरफ़ खिंचे.उसके बाद विपरीत दिशा में सांस छोड़ें और गर्दन नीचे की तरफ खिंचे.ध्यान रहें जब आप ऊपर की तरफ खिंच रहें हैं तो आपको सांस भरना हैं और जब नीचे की तरफ गर्दन को ला रहे हैं तो सांस को छोड़ना है. नीचे की तरफ लाने की कोशिश में आपको अपनी ठुड्ढी को कंठ से लगाने का प्रयास करना है.इसको कम से कम 5 से 10 बार करते रहे आपको गर्दन के दर्द में बेहद आराम महसूस होगा.


3. इसमें व्यायाम में आप सबसे पहले अपनी गर्दन को ट्विस्ट करेंगे यानी मोड़ेंगे.सांस भरते हुए धीर-धीरे एक तरफ ट्विस्ट करें फिर धीरे-धीरे सांस भरते हुए वापस सामान्य स्थिति में आएं.इसी क्रम को आप विपरीत दिशा में भी करें. सांस भरते हुए एक दिशा में ले जाएं और सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य स्थिति में आएं. आपको गर्दन को लगातार 10 से 15 बार घूमाएं. दोनों दिशाओं में सांस के साथ करने की कोशिश करें. इस व्यायाम को लगातार 10 से 15 दिन करने से आपको गर्दन दर्द में काफी आराम मिलेगा.




4. इसमें आप सबसे पहले वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं, उसके बाद धीरे से घुटनों के बल खड़े होने की कोशिश करें. फिर अपने किसी भी एक हाथ को पूरा गोल घुमाते हुए अपनी एड़ी पर ले जाकर टिका दें.जब आपका एक हाथ पूरे तरीके से एड़ी पर टिक जाए तो दूसरे हाथ को समान स्थिति के साथ वापस लेकर दूसरी एड़ी के साथ टिका दें.थोड़ी देर रूक कर जितना हो सके उतना कमर को आगे की तरफ़ यानी कि विपरीत दिशा में पैरों को खींचे और गर्दन को पीछे की तरफ़ खींच कर ज्यादा से ज्यादा समय तक उसे उसी प्रकार से करते रहें. कम से कम 10 से 15 सेकंड तक आपको इस आसन में रुकना है. इसके लगातार 10 से 15 बार कोशिश करने से आपको गर्दन के दर्द से छुटकारा मिल जाएगा.


5. सबसे पहले आप सुखासन की स्थिति में बैठ जाएं.एक हाथ को ज्ञानमुद्रा में रखें और दूसरे हाथ का तर्जनी और अनामिका ऊंगली का इस्तेमाल करते हुए एक-एक नासिका पुट को आप बंद कर के दूसरे को खोल दें. उसके बाद आप अपने दाहिने नासिका के पुट को बंद करके बायीं नासिका से सांस लें और फिर धीरे-धीरे उसको दाहिनी नासिका से छोड़ दें.वापस आपको दाहिनी नासिका से सांस लेना है फिर बायीं से छोड़ देना है. इसी कार्य को आपको 15 से 20 मिनट तक दोहराते रहे.ध्यान रहे कि आपको दायीं नासिका से शुरुआत करनी है और जब अंत करेंगे तो आप दाहिनी नासिका से सांस छोड़ते हुए ही इस व्यायाम को खत्म करें. 15 से 20 मिनट लगातार इस व्यायाम का प्रयास करने से कुछ ही दिनों में आपको गर्दन दर्द से राहत मिल जाएगी.


इस व्यायाम को आप प्रतिदिन करने की कोशिश करें यकीन मानिए आप का सर्वाइकल का दर्द इन आसान से योगासन को निरंतर करने से दूर होने लगेगा, इन आसनों का अभ्यास आपको शुरुआत में सावधानी के साथ करना है. दर्द होने पर यह आसान कम करने हैं.

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आयुर्वेद का चमत्कारी नुस्खा- डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए 3 आसान उपाय, बस इन चीजों का परहेज शुरू करें

how to manage diabetes naturally- आज के समय में डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो हर दूसरे घर में किसी एक व्यक्ति में जरूर देखी जाती है. डायबिटीज स्वास्थ्य की सबसे बड़ी समस्या मानी जा रही है. बुजुर्गों से लेकर बच्चे भी डायबिटीज का शिकार होते नजर आ रहे हैं. अस्त-व्यस्त ,जीवनशैली, गलत खानपान इसके प्रमुख कारण बताए जाते हैं. आपको बता दें डायबिटीज में ब्लड शुगर का लेवल बहुत बढ़ जाता है, जिससे इंसुलिन उत्पादन क्षमता प्रभावित होने लगती है.


कई बार ऐसा भी होता है कि शरीर पूरी तरीके से इंसुलिन का इस्तेमाल ही नहीं कर पाता. ऐसी स्थिति में कहा जाता है कि लोगों को अपने खान-पान का खास रूप से ध्यान रखना चाहिए. जिससे वह जल्दी इस बीमारी से निजात पा सके. लेकिन आज के आर्टिकल में हम आपको ऐसे तीन आसान उपाय बताएंगे जिससे आप इस बीमारी से जल्दी छुटकारा पा सकते हैं.


डायबिटीज कंट्रोल करने के आसान उपाय | Ayurveda for diabetes





1. आंवले के रस या आंवले के जूस को 40 मिली लें, उसमें 1 ग्राम हल्दी पाउडर और 6 ग्राम शहद डालकर उसे सुबह-शाम इस्तेमाल करें. दूसरा आप यह भी कर सकते हैं कि 20 ग्राम आंवला पाउडर लेकर उसमें 250 मिली पानी मिलाएं और उसको धीमी आंच पर पकाएं. जब वो पक जाए और 60 मिली रह जाए तो उसे उतार कर, छान लें, उसे ठंडा करके 250 मिलीग्राम त्रिवंग भस्म और 500 मिलीग्राम छोटी इलायची का चूर्ण डालें. इसके अलावा 1 ग्राम हल्दी पाउडर और 6 ग्राम शहद को मिलाकर इसे हर रोज सुबह-शाम इस्तेमाल करें. इससे आपका डायबिटीज का लेवल कम हो जाएगा.




2. दूसरा तरीका यह है कि आप 150 ग्राम अमरुद के पत्ते को लीजिए. उन पत्तों को पीस कर पानी में डाल दें और सुबह उन पत्तों को छान के उस पानी को घूंट लगाकर पीजिए. इस तरीके को अपनाकर आप डायबिटीज से राहत पा सकते हैं.




3. अगर आपका शुगर लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया है तो आपके लिए बेहद जरूरी है कि आप उसके लेवल को कम करें. उसे नार्मल करने के लिए आप 50 ग्राम बांस के पत्ते लीजिए. उसे 600 मिली पानी में उबालें. उसको तब तक उबालें जब तक वो 75 से 80 मिली के लगभग न रह जाए. उसके बाद उसे ठंडा करके उसे छानकर पीजिए. इस तरीके को आप अपने दिनचर्या में शामिल कर लें.इससे आपका शुगर का लेवल जल्दी ही कम हो जाएगा.



इन आयुर्वेद उपायों को आजमा कर देखिए. यकीन मानिए आपको फर्क अपने आप दिखाई देगा. ऐसे और उपाय हैं जिससे आप कई बीमारियों से लड़ सकते हैं और उससे राहत भी पा सकते हैं. लगातार हमारे ऐसे आर्टिकल से जुड़े रहने के लिए पढ़ते रहिए क्रिकेट पंचायत.

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हैवी बॉडी बनाने के लिए जिम में कभी ना तोड़ें ये 6 नियम, वरना किडनी हो सकती है आपकी तुरंत फेल

Heavy Exercise In Hindi- आज के समय में जिम जाना लोगों की जरूरत और आदत दोनों बन चुकी है. कुछ शौक के लिए जिम जाते हैं तो कुछ मजबूरन. अगर आप अपनी नजर घुमाकर देखें तो हर दूसरा आदमी आपको जिम जाते हुए जरूर नजर आएगा. कई लोग इसे फैशन का एक हिस्सा मानते हैं. जिम में लोग घंटों पसीना बहाते हैं ताकि वह फिट और फाइन रह सकें. आपने हैवी वर्कआउट का नाम तो सुना ही होगा, जहां लोग घंटों वर्कआउट करते हैं अपनी बॉडी को हेवी बनाने के लिए. लेकिन अगर यही वर्कआउट सही तरीके से ना किया जाए तो यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है.


एक रिसर्च द्वारा यह मालूम हुआ है कि अगर वर्कआउट सही तरीके से ना किया जाए तो उसका असर आपकी किडनी पर पड़ता है. जिससे किडनी खराब होने का डर बना रहता है. जो आपके हेल्थ और किडनी दोनों का ध्यान रखते हुए हम आपको जिम के ऐसे नियम बताएंगे जिससे आप इस डर से मुक्त हो सकते हैं. तो आइए जानते हैं आखिर कौन से हैं ऐसे नियम जिसे हमें जिम करते वक्त कभी नहीं तोड़ना चाहिए.




Heavy Exercise In Hindi | हैवी बॉडी बनाने के लिए जिम में कभी ना तोड़ें ये 6 नियम


1. ट्रेडमिल पर दौड़ते वक्त आपको समय का ख्याल जरूर होना चाहिए. अक्सर कई लोग ट्रेडमिल पर दौड़ते वक्त भूल जाते हैं कि आखिर उनको कितना समय उसमें देना चाहिए और उसमें वह अपना ज्यादा समय लगा देते हैं. जिससे आपके बॉडी पर प्रभाव पड़ सकता है. ध्यान रखें कि आपको अपने निर्धारित समय तक ही उसमें दौड़ना है.


2. जिम करते वक्त लोगों को हमेशा जिम वाले कपड़े ही पहनने चाहिए, जिससे आपका व्यायाम अच्छे से हो पायेगा. कई बार लोग जिम के कपड़ों के बजाए ढीले ढाले कपड़े या फिर नॉर्मल कपड़े पहन कर जिम करते हैं. जिससे उनको वर्कआउट करने में बहुत परेशानी होती है.


3. ट्रेडमिल या दूसरे मशीनों को इस्तेमाल करते वक्त आप कोई दूसरा काम ना करें. हमेशा लोगों को देखा गया है कि ट्रेडमिल पर चलते वक्त लोग कोई किताब या न्यूज़ पेपर पढ़ रहे होते हैं. जिससे घायल होने की आशंका बनी रहती है क्योंकि आपका ध्यान दो जगह बना हुआ रहता है.




4. रोज जिम जाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप बीमारी की हालत में भी जिम चले जाए. अगर आपको खांसी जुकाम छींक या वायरल जैसी चीजें हो रही हों तो आप जिम बिल्कुल ना जाए. आपके जाने से दूसरे लोगों को भी यह परेशानी झेलनी पड़ सकती है.


5. जिम में अक्सर कई लोग गलत तरीके से व्यायाम करते हैं. यहां तक कुछ लोग ऐसे होते हैं कि ट्रेनर से सही व्यायाम करने का तरीका तक नहीं पूछते. यह बिल्कुल गलत है. अगर आप सही मायने में जय मां अपने अच्छे स्वास्थ्य शरीर के लिए गए हैं तो ट्रेनर के मुताबिक चले ना कि अपने मुताबिक.


6. आप अपना समय व्यायाम में दीजिए ना कि दूसरे क्या करें उस पर. कई लोग ऐसे होते हैं कि अपना जिम करना छोड़ दूसरे क्या कर रहे हैं उस पर नजर रखते हैं. जो कि नहीं होना चाहिए. आप अपना बहुमूल्य समय सिर्फ और सिर्फ अपने आप को दें ना कि किसी और को.


आपको यह 6 तरीके कैसे लगे हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं. अपने जिम से जुड़ी समस्या को आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर शेयर कर सकते हैं. अगले आर्टिकल में हम आपको उसका हाल बताने की पूरी कोशिश करेंगे.


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