IND vs AUS T20- भारत के इस रिकॉर्ड को देख हुई भविष्यवाणी, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 फाइनल में भारत की हार लगभग पक्की

IND vs AUS T20- भारत के इस रिकॉर्ड को देख हुई भविष्यवाणी, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 फाइनल में भारत की हार लगभग पक्की

IND vs AUS T20- ऑस्ट्रेलिया तथा भारत के बीच 3 टी-20 इंटरनेशनल मैचों की श्रृंखला का दूसरा मैच जो मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया. इस मैच में कोई परिणाम नहीं निकला क्योंकि एक बार फिर बारिश ने दखल डाल दिया. बता दें कि मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 19 ओवरों में 7 विकेट पर 132 रन बनाए. इसके बाद बारिश शुरू हो गई और भारतीय टीम एक भी गेंद नहीं खेल पाई. इस वजह से अंपायरों ने यह फैसला लिया कि अब मैच को बिना परिणाम घोषित कर दिया जाए.


वहीं अब अगला मुकाबला 25 नवंबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा. इस मैच में अगर टीम इंडिया जीत हासिल कर देती हैं तो सीरीज में बराबरी कर लेगी. हालांकि इस मैच में भारत की हार पक्की है और इसका एक बड़ा कारण भी हैं तो आइए एक नजर डालते हैं उस कारण पर जिसकी वजह से टीम इंडिया को इस मैच में हार मिलने वाली है.




सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर भारत का रिकॉर्ड


इस बीच आपको बता दें कि भारतीय टीम किस कारण आने वाली है तो उसका जवाब यह है कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर टीम इंडिया का प्रदर्शन एकदम बेकार रहा है क्योंकि यहां पर अब तक कुल 16 वनडे मैच खेले गए हैं और एकमात्र टी-20 मैच का आयोजन दोनों ही टीमों के मध्य हुआ है. जिसमें भारतीय टीम ने एक टी-20 और और एक ही वनडे मैच जीती जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 14 मुकाबलों में हराया है और एक मैच रद्द हुआ.


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पिछले कई सालों में टीम इंडिया ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के साथ कई बड़े-बड़े मैच खेले हैं जिसमें खराब प्रदर्शन के कारण टीम इंडिया को हार झेलनी पड़ी. यहां पहली बार दोनों ही टीमों के मध्य 1980 में हैज वर्ल्ड सीरीज कप में मुकाबला खेला गया था जिसमें मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 9 विकेट से हराया था. जबकि अगर भारत की पहली जीत की बात करें तो 2016 में 6 विकेट से मिली थी जो कि ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टीम इंडिया का अंतिम वनडे मैच था.


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कुंबले के बाद बीसीसीआई की आँखों में चुभने लगा है यह खिलाड़ी, हो सकती है कार्यवाही

कोच अनिल कुंबले पर बीसीसीआई ने बड़ी कार्यवाही की है. कुंबले ने अपने कार्यकाल में काफी अच्छा कार्य किया और इसके लिए इनको अवार्ड की जगह टीम से बाहर किया जा रहा है. बीसीसीआई बोर्ड जिस तरह से मनमानी कर रहा है उसके बाद निश्चित रूप से बोर्ड अपनी छवि को खराब कर रहा है.

भारतीय लोग क्रिकेट के दीवाने हैं और इसका कारण बोर्ड नहीं है बल्कि वह खेल खिलाड़ी हैं जो मैदान पर जीतने के लिए लड़ रहे होते हैं. आज बीसीसीआई इतना अहंकारी सिर्फ और सिर्फ इसलिए है क्योकि आज इसके पास काफी धन है. कोच अनिल कुंबले ने खिलाड़ियों के हक़ की आवाज उठाई इनको मिल रहे पैसे को बढ़ाने के लिए बोर्ड को मजबूर किया और इस बात से बोर्ड खफा हो गया. टीम इंडिया का सलेक्शन चैम्पियन ट्राफी के लिए ना करके बोर्ड मनमानी कर रहा था इसके लिए कोच कुंबले ने आवाज उठाई और बोर्ड और भी अधिक नाराज हो गया. लेकिन समझ में यह नहीं आता है कि अनिल कुंबले ने गलत क्या किया?

क्या कोई व्यक्ति अपने हक की लड़ाई नहीं लड़ सकता है? बीसीसीआई तानाशाह कैसे हो सकता है? क्या बीसीसीआई देशहित से भी ऊपर चला गया है? बीसीसीआई का विरोध करने का दम क्या किसी में भी नहीं रह गया है? यह कई सारे सवाल हैं जिनका जवाब शायद मिलना मुश्किल है. लेकिन कोच अनिल कुंबले के बाद बोर्ड कई खिलाड़ियों से भी नाराज है जो अपने हक़ की आवाज उठा रहे हैं. तो आइये जानते हैं कि कुंबले के बाद बोर्ड की नजर किस खिलाड़ी पर है-


अनिल कुंबले

  • कोहली हैं जो उठा रहे हैं आवाज
आपको जानकर हैरानी होगी कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के ऊपर भी बोर्ड की निगाह बनी हुई है. जिस तरह से कोहली का कद बढ़ रहा है तो इसके बाद से बोर्ड चिंतित है. सैलरी बढ़ाने के मामले पर भी कोहली खुलकर बोर्ड का सामना कर रहे थे. टीम के लिए अकेले अपने दम पर लड़ते हुए कोहली भी नजर आये थे. इसका असर यह हुआ कि बोर्ड ने अपनी हैसियत दिखाने के लिए कुंबले पर बड़ी कार्यवाही कर दी है.

यह कार्यवाही कहीं ना कहीं ना कहीं कोहली को भी एक चेतावनी है. कोहली को इस कार्यवाही के द्वारा यह बताया गया है कि यदि वह भी इस तरह का व्यवहार करते हैं तो उनके खिलाफ भी कदम उठाये जा सकते हैं. लेकिन कोहली यदि इसी तरह से बोर्ड से टकराव करते रहेंगे तो उनके सामने भी कई तरह की परेशानियाँ आ सकती है. बोर्ड ने जिस तरह का व्यवहार अभी कुंबले के साथ किया है उसके बाद से यह निश्चित हो गया है कि बीसीसीआई जल्द ही देश की जनता के विरोध का सामना कर सकता है.  

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विराट कोहली के 3 दुश्मन सीनियर खिलाड़ी- टीम से बाहर हैं क्योकि कोहली है कप्तान

विराट कोहली अभी भारतीय टीम के कप्तान हैं और हर कोई टीम में इनकी सुनता है. कहते हैं कि कोहली उसको पसंद नहीं करते हैं जो कोहली की नहीं सुनता है. टीम के चयन में भी कप्तान कोहली की सुनी जाती है. टीम के कोच अनिल कुंबले से लेकर, टीम मैनेजमेंट तक सभी कोहली का बोला हुआ ही करते हैं.

अभी टीम के चयन में भी विराट कोहली के चुने खिलाड़ियों को ही प्राथमिकता दी जाती है. कहीं ना कहीं इसके पीछे तर्क है कि यदि टीम कप्तान के अनुसार नहीं होगी तो टीम के सही प्रदर्शन की उम्मीद कम रह जाती है. ऐसे में आपको बता दें विराट कोहली के चलते कुछ सीनियर खिलाड़ी अभी भी टीम से बाहर हैं तो आइये जानते हैं कि वह कौनसे खिलाड़ी हैं जो कोहली से हैं परेशान-


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  • गौतम गंभीर
गौतम गंभीर से विराट कोहली की कभी नहीं बनी है. ऐसा हम बहुत ठोस आधारों पर तो नहीं बोल रहे हैं लेकिन कोहली और गंभीर की आईपीएल फाइट के बाद से दोनों के बीच कुछ भी सही नहीं है.

अभी हाल ही में गौतम गंभीर का नाम चैम्पियन ट्राफी के लिए उछल रहा था किन्तु गंभीर का चयन टीम में नहीं हुआ है. वैसे इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो मालूम नहीं लेकिन आईपीएल में गंभीर को कोहली से पंगा लेना अब भारी पड़ रहा है. अगर तब गंभीर अपना गुस्सा पी लेते तो शायद आज वह भारतीय टीम के लिए खेल रहे होते.


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  • रॉबिन उथप्पा
रॉबिन उथप्पा को गंभीर से दोस्ती करनी महंगी पड़ रही है. हमारी दोस्ती किस तरह के व्यक्ति से है, इस बात का असर हमारी तरक्की पर पड़ता है. क्योकि जिस तरह से दोस्त का दोस्त हमारा दोस्त होता है,

उसी तरह से दोस्त का दुश्मन भी हमारा दुश्मन होता है. गंभीर से रॉबिन उथप्पा की दोस्ती इनको भारी पड़ रही है. कोहली को मालूम हैं कि उथप्पा इस समय फॉर्म में हैं लेकिन फिर इनको इंडियन टीम से खेलने का मौका नहीं मिला है.


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  • सुरेश रैना
सुरेश रैना अगर चैम्पियन ट्राफी में इस बार नहीं हैं तो उसके पीछे एक कारण इनकी फॉर्म नहीं बल्कि इनका गुजरात लायंस टीम का आईपीएल में कप्तान होना भी है. जब तक रैना, धोनी की कप्तानी में खेलते थे तब तक सबकुछ सही था लेकिन अब जबसे रैना गुजरात लायन के कप्तान बने हैं तबसे न तो इनकी धोनी से बनती है और ना ही कोहली से. इसलिए शायद अब रैना का भी भारतीय टीम में फिर से आना मुश्किल लगता है.  

तो इस तरह से इन सीनियर खिलाड़ियों का टीम में आने वाला रास्ता काँटों भरा है. इनको टीम में आने के लिए अब भरी मेहनत के साथ-साथ कोहली से अपने रिश्ते सुधारने पर भी जोर देना होगा. वरना अच्छी फॉर्म और मेहनत से कुछ बात बनती हुई अब नजर नहीं आ रही है.   

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हरभजन सिंह खा गये, इस शानदार भारतीय बल्लेबाज का करियर

हरभजन सिंह और अंबाती रायडू फाइट- कभी दोनों ही भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हुआ करते थे. कभी दोनों ही इंडियन क्रिकेट टीम की मीटिंग्स में साथ शामिल हुआ करते थे. कभी दोनों ही एक साथ मुंबई इंडियंस के लिए खेला करते थे. लेकिन आज अंबाती रायडू मुंबई इंडियंस टीम में तो हैं लेकिन मैदान पर खेलते नजर नहीं आ रहे हैं.

कहते हैं कि अंबाती रायडू का आईपीएल क्रिकेट करियर हरभजन सिंह ने बर्बाद कर दिया है. ऐसा नहीं है कि हरभजन सिंह ने यह चाहकर किया है बल्कि यह सब बस एक हादसा था लेकिन रायडू का करियर अब खत्म हो गया है. तो आइये आज हम आपको बताते हैं कि हरभजन सिंह से उलझकर कैसे अंबाती रायडू ने अपना करियर खुद खत्म किया है. हरभजन सिंह और अंबाती रायडू फाइट- 


हरभजन सिंह और अंबाती रायडू फाइट

  • मामला है साल 2016 का- हरभजन सिंह और अंबाती रायडू फाइट
वैसे आपको बता दें कि यह मामला साल 2016 का है जब पुणे के साथ एक मैच में हरभजन सिंह की एक गेंद, अंबाती रायडू चौक्के से नहीं रोक पाए थे. भज्जी को रायडू का यह अंदाज पसंद नहीं आया था और उन्होंने अपना गुस्सा अंबाती पर निकाल दिया था. मामला यहाँ खत्म हो सकता था लेकिन रायडू ने अपनी गलती ना मानते हुए, भज्जी पर पलटवार कर दिया था. बस कहते हैं कि यह अंबाती रायडू की सबसे बड़ी गलती थी और इसकी सजा आज तक रायडू को मिल रही है.

ऐसा नहीं है कि इस मामले में भज्जी की गलती नहीं थी लेकिन हरभजन सिंह, सीनियर प्लेयर हैं और अंबाती को इस बात को समझना चाहिए था. जिस तरह का गुस्सा मैदान पर रायडू ने दिखाया उसके बाद से मुंबई इन्डियन की इमेज को नुकसान हुआ था. टीम मैनेजमेंट को यह बिलकुल अच्छा नहीं लगा था कि इस तरह से एक सीनियर प्लेयर को रायडू ट्रीट कर रहे हैं. वैसे इस बहस के तुरंत बाद हरभजन सिंह, रायडू के पास माफ़ी मांगने भी गये थे लेकिन तब भी अंबाती रायडू का व्यवहार काफी गलत था. यह मामला तब वहीं खत्म हो सकता था जब भज्जी ने रायडू से माफ़ी मांगी थी लेकिन अंबाती का गुस्सा इनको ले डूबा.  


हरभजन सिंह और अंबाती रायडू फाइट

  • रायडू का क्रिकेट करियर
वैसे जब रायडू का भारतीय टीम में सलेक्शन हुआ तभी इस प्लेयर को दूर तक जाने वाला खिलाड़ी बताया गया था. इनके खेलने की तकनीक भी अच्छी थी लेकिन रायडू का गुस्सा ही आज इस खिलाड़ी का दुश्मन बन गया है.

34 वनडे मैच में इसके नाम 1055 रन हैं. साथ ही साथ 2 शतक और 6 अर्द्धशतक भी इनके नाम हैं. वहीं सभी तरह के ट्वेंटी में रायडू ने 170 मैच में 3371 रन बनाये हैं.


मुंबई इंडियंस को अंबाती मध्यक्रम में मजबूती प्रदान करता था. आईपीएल के 2017 सीजन में अभी तक रायडू को कोई भी मौका नहीं मिला है. कहीं ना कहीं सीनियर खिलाड़ी हरभजन सिंह के साथ इस तरह का व्यवहार करना रायडू को काफी भारी पड़ा है.

साथ ही साथ हरभजन सिंह का भी उस दिन किया गया व्यवहार जो मात्र एक चौक्के के लिए था, वह अंबाती रायडू का करियर ही खा गया है. अब रायडू को आईपीएल में खेलने का मौका कब मिलता है, यह देखने वाली बात होगी.  

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