पुलवामा हमले का बदला लेने के बाद भारतीय टीम के इन खिलाड़ियों के ट्वीट लगातार हो रहे हैं वायरल, 10 करोड़ से ज्यादा बार हुए ट्वीट और लाइक

पुलवामा हमले का बदला लेने के बाद भारतीय टीम के इन खिलाड़ियों के ट्वीट लगातार हो रहे हैं वायरल, 10 करोड़ से ज्यादा बार हुए ट्वीट और लाइक

India airstrike in Pakistan- भारतीय वायु सेना 12 मिराज-2000 के लड़ाकू विमानों से मंगलवार को पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर एयर स्ट्राइक किया जिसमें लगभग 200 से 300 आतंकियों के मारे जाने की खबर है लेकिन पाकिस्तान हमेशा की तरह मुकर गया है और कहना है कि कोई भी नहीं मरा है। साथ ही उनका मानना यह है कि भारतीय वायु सेना ने बम खाली जगह गिराए। इसके बाद हर तरफ से भारतीय वीर सैनिकों को प्रशंसा मिल रही है। अब क्रिकेटर भी इसमें शामिल हो गए है।


भारतीय टीम के इन खिलाड़ियों के ट्वीट लगातार हो रहे हैं वायरल

दरअसल बता दें कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी कैंपों पर नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार हवाई हमले किए, जिसके बाद सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, मोहम्मद कैफ और वीरेंद्र सहवाग ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद वीर जवानों को सलाम करते हुए ट्वीट किया है।

सचिन तेंदुलकर जिन्होंने अपने क्रिकेट करियर का आगाज भी पाकिस्तान के खिलाफ किया था। उन्होंने लिखा है, "वीरू ने लिखा, 'लड़कों ने बहुत अच्छा काम किया। सुधर जाओ नहीं तो सुधार देंगे #airstrike' वहीं गौतम गंभीर ने ट्विटर पर लिखा, जय हिंद।"


जबकि पूर्व सलामी जोड़ीदार सहवाग ने भी हमेशा की तरह भारतीय सेना की तारीफ़ की और ट्वीट करके बधाई दी और पाकिस्तान को सुधर जाने की नसीहत दी है। वीरू ने लिखा, "लड़कों ने बहुत अच्छा काम किया। सुधर जाओ नहीं तो सुधार देंगे #airstrike' वहीं गौतम गंभीर ने ट्विटर पर लिखा, जय हिंद।" जबकि गौतम गंभीर ने भी ट्वीट करके बधाई दी और जय हिन्द कहा है। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी ट्वीट किया और लिखा है, "इंडियन एयरफोर्स को सलाम, शानदार।"


गौरतलब हो कि बीते दिनों भारत के सीआरपीएफ़ के जवानों पर आत्मघाती हमला किया था जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। उसके बाद से ही भारतीय सेना लगातार इसकी तैयारी में थी आखिरकार 26 फरवरी को रात में अंजाम देकर 200 से 300 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है।

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दर्द भरी कहानी- ढाबे पर दूसरों के झूठे बर्तन धोता था ये भारतीय खिलाड़ी, अब विराट कोहली से मिलकर टीम इण्डिया के लिए बस खेलना चाहता है

संघर्ष करके अगर कोई खिलाड़ी किसी मुकाम पर पहुंचता है तो निश्चित रूप से यह कहानी पूरे समाज के लिए एक मिसाल बन जाती है. आपको बता दें कि कई बार हमारे सामने इस तरीके की परिस्थितियां होती हैं कि हमें उनके आगे या तो समर्पण करना पड़ता है या फिर उनसे संघर्ष करना पड़ता है. जो लोग संघर्ष करते हैं वह लोग दूसरों से अलग इतिहास रचते हुए नजर आ सकते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही भारतीय खिलाड़ी की कहानी बताने वाले हैं जो एक समय अपनी गरीबी से तंग आकर ढाबे पर दूसरे लोगों के झूठे बर्तन साफ करने पर मजबूर हो गया था. दूसरों के झूठे बर्तन धोया करता था ये भारतीय खिलाड़ी लेकिन इस खिलाड़ी ने कभी हार नहीं मानी क्योंकि इसके सपने काफी ऊंचे हुआ करते थे. इस भारतीय खिलाड़ी का सपना विराट कोहली से मिलकर इंडियन टीम के लिए खेलने का है. तो आइए आपको बताते हैं कि वह खिलाड़ी कौन है जो कभी ढाबे के ऊपर दूसरे लोगों के झूठे बर्तन साफ किया करता था- दूसरों के झूठे बर्तन धोया करता था ये भारतीय खिलाड़ी भूखे पेट सोई, झूठे बर्तन साफ़ किये अब टीम इण्डिया के लिए खेल रही हैं भारतीय कबड्डी महिला टीम की खिलाड़ी कविता ठाकुर ने काफी संघर्ष करके इंडियन टीम में जगह बनाई है. इस महिला खिलाड़ी की कहानी निश्चित रूप से हम सभी के लिए एक सकारात्मक कहानी बन सकती है. कविता एशियन गेम 2018 में हिस्सा लेने भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ गई हुई है. हिमाचल के मनाली में इनका जन्म हुआ और वहीं पर जैसे तैसे गरीबी में उनका गुजारा हो रहा था. दूसरों के झूठे बर्तन धोया करता था ये भारतीय खिलाड़ी परिवार की स्थिति सही नहीं थी और दो वक्त की रोटी का भी जुगाड़ नहीं हो पा रहा था. यही कारण है कि कविता ठाकुर सड़क के किनारे एक बने हुए ढाबे पर काम किया करती थी और वहां पर झूठे बर्तन साफ करके जैसे तैसे अपना गुजारा कर रही थी. कविता ठाकुर इस साल एशियन गेम्स में टीम इंडिया को जीताने का सपना देख रही हैं. 2007 में कविता ने कबड्डी खेलना शुरू किया था और 2014 में एशियाड के अंदर सभी की इनके ऊपर नजर गई थी. कविता गोल्ड जीतने वाली उस समय पहली भारतीय महिला कबड्डी प्लेयर बनी थीं. आज भी कविता अपने परिवार के साथ एक किराए के मकान में रहती हैं लेकिन इनका सपना है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से मिलकर अपने खेल के ऊपर टिप्स लेना चाहती हैं. शायद इन खिलाड़ियों की मदद के लिए भारतीय खेल मंत्रालय को आगे आना चाहिए और इनको सुख सुविधा मिलनी चाहिए जैसे कि देश में नेताओं को मिलती हैं. आपको कविता की कहानी अच्छी लगे तो इसको शेयर जरूर करें.

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फीफा विश्वकप 2018 की विजेता फ़्रांस को मिले इतने 260 करोड़ रुपैय, तो उप-विजेता क्रोएशिया को भी मिली है बहुत ज्यादा बड़ी रकम

15 जुलाई(रविवार) को एक महीनें से चले आ रहे फीफा वर्ल्ड कप 2018 का सफल समापन हुआ. फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने रूस की राजधानी मॉस्को के लुज्निकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में क्रोएशिया को एक बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया. फुटबॉल का खेल दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद जाने वाला खेल हैं. ऐसे में फीफा वर्ल्डकप का आयोजन करने करने वाले अधिकारी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेनी वाली टीमो पर जमकर पैसे की बारिश करते हैं. फ्रांस के चैंपियन बनाने के बाद फैन्स के मन भी प्रश्न उठ रहा होगा कि आखिर फीफा वर्ल्डकप जीतने वाली टीम को इनाम के रूप में कितनी राशी दी जाती हैं. इस लेख में हम फैन्स के इन्ही प्रश्नों का जवाब देगे. फीफा विश्वकप 2018 फीफा वर्ल्डकप 2018 चैंपियन बनने वाली फ्रांस टीम को इनाम राशी के रूप में 38 मिलियन डॉलर(लगभग 260 करोड़ रूपए) दिए गए. इसके आलावा फाइनल में हारने वाली उपविजेता क्रोएशिया को 28 मिलियन डॉलर (लगभग 191 करोड़ रूपए) दिए गए. फीफा विश्वकप 2018 इंग्लैंड को हराने के बाद टूर्नामेंट में नंबर 3 पर रहने वाली बेल्जियम को इनाम के रूप में करीब 164 करोड़ रूपए दिए गए. जबकि क्वार्टरफाइनल में हारने वाली उरुग्वे, ब्राजील, स्वीडन और रूस टीम को इनाम राशी के रूप में 110-110 करोड़ रूपए दिए गए. प्रमुख 16 में जगह बनाने के बाद हारने वाली टीमो को भी इनाम के रूप में 82-82 करोड़ रूपए दिए गए. फीफा विश्वकप 2018 इन सब के आलावा ग्रुप स्टेज से बाहर होने वाली प्रत्येक टीम को करीबन 55-55 करोड़ रूपए दिए हैं. फीफा वर्ल्डकप 2018 के दौरान इनाम राशी के रूप में लगभग 400 मिलियन डॉलर (करीबन करीबन 2700 करोड़ रूपए) बांटे गए. यह एक ऐसा आंकड़ा हैं, जिस पर शायद यकीन करना आसान नहीं हैं, लेकिन यह सच हैं.   

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हिमा दास आखरी 10 सेकेंड्स सांस बंदकर इसलिए भाग रही थीं, भागी थी इतनी तेज कि 10 सेकेंड्स में गोल्ड जीता

भारत की युवा एथलीट हिमा दास ने अंडर 20 एथलीट चैंपियंस में गोल्ड जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है. इससे पहले भारत में इस तरीके के खिलाड़ी मौजूद नहीं थे जो कि 400 मीटर रेस में इतनी तेज भागे कि उनको गोल्ड मिल जाए. 400 मीटर और 500 मीटर रेस जैसे कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए ही मानी जाती थी लेकिन आज हिमा दास ने जिस तरीके से मात्र 10 सेकंड में गोल्ड जीता है तो उसके लिए उनकी तारीफ की जा रही है. भारत की युवा एथलीट हिमा दास आपको बता दें कि 18 साल की हिमा दास ने आज अंदर 20 चैंपियनशिप के अंदर आज 51.4 सेकंड में 400 मीटर की रेस पूरी करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. https://twitter.com/iaaforg/status/1017511104153554944 शुरुआत में हेमा दास छठे या सातवें नंबर पर भाग रही थी लेकिन जब हेमा दास को पता लगा कि अब रेस खत्म होने वाली है तो वह मात्र 10 सेकंड में ही चौथे पांचवें स्थान से दूसरे और तीसरे स्थान पर आ चुकी थी. भारत की युवा एथलीट हिमा दास एक बार को देखकर ऐसा लग रहा था कि आज हेमा दास, आज सिल्वर और कांस्य पदक पर खुश हो जाएंगी लेकिन आखिरी कुछ सेकेंड्स में ही हेमा दास को शायद याद आया कि आज वह गोल्ड जीत सकती हैं और उन्होंने 10 सेकंड में इतनी तेज रेस लगाई है कि शायद इतनी तेज इंसान दौड़ता हुआ आपको नजर नहीं आता होगा. हेमा दास ने आज निश्चित रूप से भारत देश का नाम रोशन कर दिया है. आपको बता दें कि आखरी 10 सेकेंड्स में ही हेमा दास ने मैच का रूख ही बदलकर रख दिया था. भारत के अब युवा महिला खिलाड़ी लगातार भारत देश का नाम विश्वभर में ऊँचा कर रही हैं. ऐसे खिलाड़ियों को अब लगातार प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता है. भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है यह बात आज हिमा दास ने साबित कर दी है.

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