रिकॉर्ड- 48 मैच में से इतने मैचों में इंडियन टीम को मिली है शर्मनाक हार, ऑस्ट्रेलिया में वनडे में इंडियन टीम का काफी खराब है रिकॉर्ड

रिकॉर्ड- 48 मैच में से इतने मैचों में इंडियन टीम को मिली है शर्मनाक हार, ऑस्ट्रेलिया में वनडे में इंडियन टीम का काफी खराब है रिकॉर्ड

भारत और ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद अब 3 वनडे मैच भी खेले जाने वाले हैं. सीरीज का पहला मुकाबला 12 जनवरी को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर होगा. वहीं अंतिम मैच शुक्रवार 18 जनवरी को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा जिसका प्रसारण भारतीय समय के अनुसार सुबह 8:50 पर होने वाला है. आज हम बात करने वाले हैं टीम इंडिया के वनडे प्रारूप के प्रदर्शन पर. तो चलिए देखते हैं कि भारत का ऑस्ट्रेलिया में वनडे में कैसा प्रदर्शन रहा है और पिछले 10 मैचों में इंडिया ने कितनी जीत हासिल की है.


आंकड़ों के अनुसार आपको बता दें कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया में उनके खिलाफ कुल 48 मुकाबले खेले हैं. इसमें टीम इंडिया सिर्फ 11 बार ही जीत हासिल कर पाई है. वहीं ऑस्ट्रेलिया ने 35 मुकाबलों में जीत हासिल कर सकी और 2 मुकाबले ऐसे रहे जिनका परिणाम नहीं निकल पाया. जीत प्रतिशत के मामले से ऑस्ट्रेलियाई टीम का पलड़ा काफी भारी हैं और अपनी अब बात यही होगी कि क्या भारत टेस्ट में मिली जीत के बाद यहां वनडे में भी कोई कारनामा कर पाती है या नहीं.



ऐसा रहा है पिछले 10 मैचों में टीम इंडिया का प्रदर्शन


अब अगर पिछले 10 मैचों की बात करें तो टीम इंडिया का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है. दरअसल आपको बता दें कि पिछले 10 में समय भारत ने सिर्फ एकमात्र मैच जीता है. वही एक मैच ऐसा रहा जो रद्द हुआ और 8 मुकाबले ऑस्ट्रेलिया ने जीते है. तो अंदाजा लगा सकते हैं कि टीम इंडिया का आस्ट्रेलियाई सरजमीं पर वनडे प्रारूप में कितना खराब चल रहा है.



साथ ही अब भारतीय टीम में कई ऐसे खिलाड़ी है जो पहली बार ऑस्ट्रेलियाई धरती पर खेलने वाले है और उनसे काफी ज्यादा उम्मीद भी जताई जा रही है लेकिन जसप्रीत बुमराह को वनडे सीरीज में आराम दिया गया जिन्होंने टेस्ट सीरीज में बल्लेबाजों की कमर तोड़ कर रख दी थी.

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बहुत दुखी हैं हैं विराट कोहली, मेलबर्न टेस्ट में इन 15 बल्लेबाजों के रिकॉर्ड तोड़ने से चुके कोहली

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम मेलबर्न में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में भी जीत की ओर अग्रसर हो गई है. बता दें कि तीसरे दिन की समाप्ति तक 54 रन पर दूसरी पारी में 5 विकेट गंवा दिए थे. हालांकि पहली पारी में शानदार 443 रनों के कारण अभी 346 रनों की बढ़त बना चुका है. बात यह भी है कि दूसरी पारी में विराट कोहली से काफी उम्मीदें थी लेकिन वह बिना कोई रन बनाए आउट हो गए.


साथ ही चेतेश्वर पुजारा भी बिना खाता खोले वापस पवेलियन चले गए. दोनों ही बल्लेबाज जो पहली पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले रहे थे.



#तीसरे टेस्ट में विराट कोहली चुके 15 बल्लेबाजों का रिकॉर्ड तोड़ने से

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली आज पूरी दुनिया में सबसे खतरनाक और लोकप्रिय बल्लेबाज बन कर उभरे हैं. बता दें कि इस साल इन्होंने 13 टेस्ट मैचों में 1322 रन बनाए हैं और पहले पायदान पर रहे है. इस दौरान इनके बल्ले से 5 शतक और 5 ही अर्धशतक लगे है. अगर रिकॉर्ड की बात करें तो इस मुकाबले में उनके पास 15 बल्लेबाजों का रिकॉर्ड तोड़ने का अच्छा मौका था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और यह जीरो पर आउट हो गए.


दरअसल बात यह है कि अगर इस मुकाबले में कोहली के बल्ले से लगभग 101 रन और बन जाते तो शायद 15 बल्लेबाजों का रिकॉर्ड एकसाथ ही तोड़ सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बता दें कि 1 साल में सबसे अधिक रन बनाने वालों की सूची में कोहली अभी 32वें स्थान पर आ गए. अगर इस मैच की दूसरी पारी में 101 रन बनाए देते तो भारत के ही वीरेंद्र सहवाग को पीछे छोड़ते हुए 16वें स्थान पर आ जाते. अभी कोहली से 32 बल्लेबाज आगे है और 101 रन बनाते तो कई बड़े बल्लेबाज जिनमें सचिन, मैथ्यू हेडन, जो रूट एलिस्टर कुक, ब्रायन लारा जैसे खिलाड़ियों को भी पछाड़ सकते थे.

अगर एक साल में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज की बात करें तो उसमें पाकिस्तान के मोहम्मद यूसुफ सबसे ऊपर हैं. जिन्होंने वर्ष 2006 में 11 टेस्ट मैचों की 19 पारियों में 1788 रन बनाए थे. जिसमें उनके 9 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे.

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IND vs AUS Test- पहली बार में ही मयंक अग्रवाल और हनुमा विहारी ने बनाया ओपनिंग बल्लेबाजी का शानदार रिकॉर्ड

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच में मेलबर्न टेस्ट के अंदर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट ने हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल को ओपनिंग बल्लेबाजी के लिए भेजा था. लगातार टीम इंडिया के लिए अभी मुरली विजय और लोकेश राहुल ओपनिंग बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन दोनों ही खिलाड़ी मैदान के ऊपर कोई खास काम नहीं कर पा रहे थे यही कारण है कि टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने अचानक ही टीम इंडिया की ओपनिंग बल्लेबाजी बदल कर रख दी.


आज भारत और ऑस्ट्रेलिया तीसरे टेस्ट मैच के अंदर मयंक अग्रवाल और हनुमा विहारी ने जो रिकॉर्ड कायम किया है वह रिकॉर्ड साल 2011 के बाद कोई भी भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज बनाते हुए नजर नहीं आए हैं.


वैसे कहने को तो हनुमा विहारी ने मैच के अंदर मात्र 8 रन ही बनाए लेकिन 8 रन बनाने के लिए हनुमा विहारी ने 66 गेंदों का सामना किया था. आइए आपको बताते हैं कि हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल ने कौन सा रिकॉर्ड अपने नाम किया है-




हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल ओपनिंग रिकॉर्ड


हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल दोनों ही बल्लेबाज पहले दिन के अंदर 19 ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए नजर आए हैं. इससे पहले साल 2011 में ही भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज भारत के बाहर जाकर दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या फिर न्यूजीलैंड जैसे देशों में 19 ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए नजर आए थे.


वह साल 2011 के बाद ऐसा इतने समय बाद हो रहा है कि भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज भारत के बाहर जाकर 19 ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए नजर आए हैं और यह कारनामा आज हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल ने करके दिखाया है.




शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल की बल्लेबाजी से काफी हैरान हो गए थे और विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज मेहनत करते हुए नजर आए हैं.


पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंडियन क्रिकेट टीम 215 रन बना चुकी है और टीम के 2 विकेट आउट हुए हैं. हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल की बदौलत ही टीम इंडिया के आज 2 विकेट गिर पाए हैं और एक अच्छी शुरुआत टीम इंडिया पहले दिन कर पाई है.

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वनडे क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी की 5 बेस्ट पारियां, इस एक पारी के दम पर धोनी रातों रात स्टार बन गए थे

वनडे क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी की 5 बेस्ट पारियां-भारतीय क्रिकेट के सम्राट धोनी इस शताब्दी के सबसे महान फिनिशर है. वह भारत का सबसे बड़ा वनडे कप्तान रह चुके है और देश को अनेक उपलब्धियों से सम्मानित किया है. अपने आक्रामकता के साथ, वह दुनिया के सबसे डरावने बल्लेबाजों में से एक है.

एकदिवसीय मैचों में देश के लिए 318 मैचों में धोनी ने 51.38 के औसत से 9967 रन बनाए हैं. उन्होंने 10 शतक और 67 अर्धशतक लगाए. माही को 200 एकदिवसीय मैचों में  कप्तान बनाया गया जिसमें उन्होंने 110 जीते दिलाया वहीं 74 में हार तथा 5 और 11 को बिना किसी नतीजे तक नही पहुँच पाए.

सफल क्रिकेटर धोनी ने 2011 में आईसीसी विश्व कप ट्रॉफी, 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी, 2007 में आईसीसी वर्ल्ड टी 20 कप भारत को दिलाया.

वनडे क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी की 5 बेस्ट पारियां


1. साल 2013 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पारी में धोनी ने सम्भल कर खेला धोनी ने आखिरी ओवर तक रहकर एक नायक की भूमिका निभाई. इस पारी को इसिलए याद किया जाता हैं क्योंकि धोनी ने अपनी नाबाद 44 रनों की पारी में पर 58 गेंद का सामना किया लेकिन कोई बॉउंड्री नहीं लगा पाए थे.

2. साल 2005 में भारत बनाम पाकिस्तान श्रृंखला के दौरान भारत ने पहला वनडे 87 रन से जीता था. एमएस धोनी की पारी तब आयी जब टीम संकट में थी लेकिन धोनी के आते ही मैच की गतिशीलता बदल दी. उन्होंने 120 गेंदों पर 15 चौके और 4 छक्के लगाकर 148 रनों की पारी खेली, जिसमें 120.33 की उच्च स्ट्राइक रेट थी. भारतीय टीम के नायकों ने भारत को 50 ओवरों में 356-9 के विशाल स्थान पर पहुंचाया था.

3. साल 2005 में धोनी रातोंरात स्टार बन गए. श्रीलंका के ख़िलाफ़ इनकी यह पारी बहुत लाजवाब थी. भले ही वह अपने आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे लेकिन इस पारी ने धोनी को ऊँचाई के शिखर पर पहुँचा दिया था. धोनी ने इस पारी में नाबाद 183 रनों की पारी खेली थी जो कि उनका आज तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है .

4. अगर इस पारी की बात की जाए तो यह भारतवासियों के लिए बेहद ही खूबसूरत और लाजवाब थी क्योंकि ये पारी खेलकर धोनी छक्का जड़कर भारत को साल 2011 का वर्ल्ड कप दिलाया था.

5. साल 2014 में धोनी ने साउथ अफ्रीका के साथ खेलते हुए नाबाद 120 रनों की बेहद जानदार पारी खेली थी जिसमे भारत की विजय हुई थी.

बेशक वर्तमान समय में महेंद्र सिंह धोनी की फॉर्म उतनी अच्छी है नहीं है लेकिन इसके बावजूद भी धोनी का विश्वकप 2019 में खेलना काफी अहम हो जाता है.

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Off curse he will play, and again he is going to hit winning six,
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