2019 विश्वकप में भारत का मजबूत पक्ष जिसके कारण इंडियन टीम ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार है

2019 विश्वकप में भारत का मजबूत पक्ष जिसके कारण इंडियन टीम ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार है

विश्वकप 2019 का आयोजन इंग्लैंड और वेल्स में किया जा रहा है.  भारत का पहला मुकाबला 4 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगा. भारतीय टीम को इस विश्वकप का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. आइए हम एक  नजर डालते हैं भारत के मजबूत पक्षों पर जो इस ट्रॉफी को जीताने में कारगार साबित हो सकते है.


1. सॉलिड टॉप ऑर्डर



भारत का टॉप ऑर्डर इस समय विश्व में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है इस विश्व कप में. भारत की जीत की जिम्मेदारी हमेशा शीर्ष तीन बल्लेबाजों पर यानी कि रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के कंधो पर होती है और हर बार भारत की जीत का सेहरा  मुख्यतः इन तीनों में से ही किसी एक के सर पर होता हैं. परंतु भारत को इन तीन मुख्य बल्लेबाजों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर होने से बचना पड़ेगा क्योंकि अगर किसी दिन इनमें से कोई भी बल्लेबाज नहीं चला तो भारत के लिए मुसीबतें बढ सकती हैं.


2. फील्डिंग और धोनी जैसा अनुभवी विकेटकीपर




क्षेत्ररक्षण भारत की ताकत में से एक है, क्योंकि अधिकांश दस्ते 30 वर्ष से कम आयु के हैं.  एमएसडी अभी भी लिमिटेड ओवर्स में सबसे अच्छे विकेटकीपर है साथ ही कप्तानी ज्ञान-एक और प्लस पॉइंट भारत को प्रबल दावेदार बनाता है.  स्टंप के पीछे धोनी की क्षमता प्रतिद्वंद्वी टीम के बल्लेबाज को दबाव में रखती है और साथ ही वह मुश्किल घड़ी में धोनी स्पिनरों के लिए विकेट लेने में सक्षम है.


3. जोड़ी में आक्रामक करते गेंदबाज




बुमराह और भुवनेश्वर भारतीय गेंदबाजी के सबसे बड़े सकारात्मक हैं जो नई गेंद से गेंदबाजी करने में सक्षम हैं और डेथ ओवरों में किफायती हैं.  भुवी को अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए और बुमराह को विकेट लेने के मुद्दे पर नो-बॉल का ध्यान रखना चाहिए. भुवी हालांकि अभी कुछ खास फॉर्म में नहीं हैं पर आशा है कि वह विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करेंगे.  इसी प्रकार भारत की स्पिन जोड़ी भी काफी खतरनाक है. युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव न केवल मध्य के ओवरों में विकेट निकलने में माहिर हैं बल्कि रन रेट पर भी वह लगाम लगाये रहते हैं जो कि बहुत बड़ी काबिलियत है. हालांकि टूर्नामेंट इंग्लैंड में होने जा रहा है तो शायद यह दोनों गेंदबाज एक साथ मैदान में न दिखें.



तो यह थे भारतिय टीम के मजबूत पक्ष.  आपको क्या लगता है इनमें से कौन सा फैक्टर भारत को विश्वकप जीताएगा?

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मेलबर्न टेस्ट में बल्लेबाजी से पहले ही तय हो गयी थी भारत की जीत, जानिये आखिर क्या हुआ ऐसा चमत्कार की सभी दंग हैं?

ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला मेलबर्न में खेला जा रहा है. 3 दिनों की समाप्ति तक टीम इंडिया का पलड़ा ऑस्ट्रेलिया से काफी भारी है और अब चौथे दिन शायद भारत अपना जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल भी कर सकता है. हालांकि यह मुकाबला पांचवें दिन तक भी जा सकता है.


मैच पर एक नजर डालें तो तीसरे दिन तक के खेल की समाप्ति तक भारतीय टीम ने 54 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे. मयंक अगरवाल अभी 28 और ऋषभ पंत 6 रन बनाकर क्रीज पर थे. वहीं गेंदबाजी में पेट कमिंस ने 6 ओवर में शानदार बोलिंग करते हुए 10 रन देकर चार विकेट लिए है. जबकि 1 विकेट जोश हेजलवुड को भी मिला है.


#मेलबर्न टेस्ट में बल्लेबाजी से पहले ही तय हो गयी थी भारत की जीत


बता दें कि मेलबर्न में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. जो कि एक शानदार फैसला रहा क्योंकि पहली पारी में 443 रन बनाए और 7 विकेट गंवाकर पारी की घोषणा करनी पड़ी. इसमें चेतेश्वर पुजारा ने 106 तो कप्तान विराट कोहली ने 82 और मयंक अग्रवाल ने डेब्यू मैच में 76 रनों की उपयोगी पारी खेली. जबकि रोहित शर्मा ने भी 63 रन बनाये और नाबाद रहे.




#यह रहा मेलबर्न टेस्ट से पहले का चमत्कार


इसी तरह अगर भारत की जीत की बात करें तो यह पहले से ही लगभग तय हो चुकी थी. दरअसल बात यह है कि विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में जिस टेस्ट मैच में टॉस जीता है उसमें कभी हार नहीं मिली है. जी हां, यह बात सत्य है कि कोहली ने अब तक 20 टेस्ट मैचों में टॉस जीता है जिसमें भारत को 17 में जीत और तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं. लेकिन एक बार भी किसी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है. इसी तरह अब इस मैच की भी स्थिति यही है कि ऑस्ट्रेलिया पर टीम इंडिया की बढ़त 346 रनों की हो चुकी है.


अब देखा जाएगा कि चौथे दिन टीम इंडिया की आधी पारी में कितने रन और बनाती है और ऑस्ट्रेलिया को कितना बड़ा लक्ष्य मिलता है. एक अंदाज के अनुसार मयंक अग्रवाल और ऋषभ पंत अगर कुछ समय और बल्लेबाजी करते हैं और लगभग 150 के आसपास रन बना देते हैं तो ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 500 रन तक का लक्ष्य मिल सकता है.

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5 ऐसे भारतीय बल्लेबाज जिन्होनें एक साल में दो बार बनाये हैं वऩडे में 150 रन, कमाल के ये भारतीय बल्लेबाज आज भी याद आते हैं

5 indian Batsmen with most 150+ scores in ODIs single year- एक दिवसीय अंतर्राष्टीय क्रिकेट उन टीमों के मध्य खेला जाता हैं, जिनको आईसीसी द्वारा सद्स्यता दी जाती हैं और सम्मानित किया जाता हैँ . एक दिवसीय अंतर्राष्टीय क्रिकेट में प्रत्येक पारी 50 ओवर की होती हैं, शुरूआती बल्लेबाजों को टीम की रीढ समझा जाता हैं.

टॉप ऑर्डर के  बल्लेबाजों के पास खेलने का ज्यादा समय होता हैं, जिसके कारण वो बडा स्कोर खडा कर सकते हैं. एक साल में दो बार 150 रन बनाने वालो की सूची में नया नाम तूफानी बल्लेबाज रोहित शर्मा का जुड़ गया है. आइए ऐसे ही कुछ खिलाडियों के नाम जानते है जो एक साल मेँ 2 बार 150 से  ज्यादा का स्कोर बना चुके हैं-




# सौरव गांगुली

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का आता हैं, गांगुली एक साल में दो बार 150 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने. 1999 के आईसीसी  विश्वकप में श्रीलंका के खिलाफ गांगुली ने 183 रन बनाए. गांगुली को इस मैच में मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया.

उस मैच में भारतीय टीम ने कुल 373 रन बनाए. रॉबिन सिंह की घातक गेंदबाजी के दम से श्रीलंका टीम को कुल 216 रनों पर समेट दिया गया, इस मैच में श्रीलंका की 157 रनों से ब़डी हार हुई. उसी साल सौरव का दूसरा 150 न्यूजीलैंड टीम के खिलाफ  नवंबर-11-1999 को ग्वालियर में था. इस मैच मे गांगुली ने नाबाद 155 रन की पारी खेली. भारतीय टीम ने यह मैच बडी आसानी से जीत लिया, और सौरव को मैन आँफ द मैच के खिताब से नवाजा गया.


# गौतम गंभीर

 2009 में गौतम गंभीर ने अपना पहला 150 5 फरवरी को कोलंबो में बनाया था. उस समय भारत ने श्रीलंका का दौरा किया था. मुथैया मुरलीधरन ने उस मैच मे गंभीर को आउट किया था. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 332 रन बनाए. श्रीलंका को 265 रनों पर समेट दिया गया, और भारत ने यह मैच 67 रनों से जीत लिया. गंभीर को  प्लेयर ऑफ द मैच से नवाजा गया.

उसी वर्ष श्रीलंका ने भारत का दौरा किया, गंभीर ने कोलकाता के मैदान पर 24 दिसंबर को श्रीलंका के खिलाफ अपना दुसरा 150 मारा. गंभीर ने इस मैच में नाबाद 150 रन बनाए और भारतीय टीम को सफलतापूर्वक 316 के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की. इस मैच मे गंभीर को मैन ऑफ द मैच मिला. विराट कोहली ने भी उस मैच में शतक मारा था, कोहली की बल्लेबाजी को देखते हुए, गंभीर ने अपना पुरस्कार विराट कोहली को सौंप दिया. जिसके लिए उनकी काफी सराहना की गई.


# सचिन तेंदुलकर

2009 में एक दिवसीय मैचो मे 150 रन बनाने वाले दुसरे बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर है.  2009 में उनका पहला 150 मार्च 8 को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ था. इस पारी में सचिन ने 163 रन बनाए, सचिन को उस मैच मे मैन ऑफ द मैच दिया गया. इस मैच में भारत ने 50 ओवरों में 392 रन बनाए. हरभजन सिंह, युवराज और जहीर खान ने इस मैच में दो-दो विकेट लिए. न्यूजीलैंड इस मैच मे 58 रन से हार गया था.

उसी साल सचिन ने दूसरी 150 रनो की पारी 5 नवंबर 2009 को हैदराबाद के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली. इस मैच में सचिन ने  175 रन बनाए थे. लेकिन भारतीय टीम यह मैच 3 रन से हार गयी. उसके बावजूद सचिन को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया.


# वीरेंदर सहवाग

वीरेंदर सहवाग का पहला 150 आईसीसी विश्वकप 2011 में ढाका में बांग्लादेश टीम के खिलाफ था. उस मैच में सहवाग ने 175 रन की पारी खेली थी. इस मैच में सहवाग को मैन ऑफ द मैच से सम्मानित किया गया. भारतीय टीम ने इस मैच में सहवाग और विराट कोहली की मदद से 50 ओवरों में 370 रन बनाए थे. भारत ने  इस मैच में ब़डी आसानी से 87 रन की शानदार जीत हासिल की थी.

उसी वर्ष सहवाग ने अपना दूसरा 150 इंदौर में 8 दिसंबर को विंडीज़ के खिलाफ लगाया था. सहवाग ने इस मैच में 219 रन बनाए थे. सहवाग को इस मैच में मैन ऑफ द मैच से सम्मानित किया गया. नतीजतन विंडीज़ टीम 49.2 ओवर में केवल 265 का स्कोर ही बना पाई.



# विराट कोहली


विराट कोहली ने अपनी पहली 150 रनो की पारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 7 फरवरी 2018 को केप टाउन में खेली. इस मैच में विराट कोहली ने नाबाद 160 रन बनाये, और टीम का स्कोर 303 रन तक पंहुचा दिया. इस मैच में विराट कोहली को मैन ऑफ द मैच पुरस्कार दिया गया. स्पिनर कुलदीप यादव और युजेंद्र चहल की अच्छी गेंदबाजी के दम पर भारत ने यह मैच 124 रनो से जीता.


उसी वर्ष कोहली ने अपना दूसरा 150 24 अक्टूबर को विशाखापत्तनम में विंडीज़ के खिलाफ लगाया. विराट ने नाबाद 157 रनो की पारी खेली और भारत को 321 के स्कोर तक पहुंचाया. इस मैच मे भी विराट को मैन ऑफ द मैच के रूप में सम्मानित किया गया. हालांकि यह मैच टाई रहा, और मुकाबला बराबरी पर छूट गया.

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0.2वे ओवर में क्रुणाल पंड्या ने की खराब फील्डिंग तो गेंदबाज उमेश यादव ने सरेआम मैदान पर क्रुणाल को सुनाई गालियाँ

भारत और वेस्टइंडीज के बीच में पहला टी20 मैच आज कोलकाता के मैदान पर खेला जा रहा है. आपको बता दें कि टीम इंडिया इस समय विराट कोहली की कप्तानी में नहीं बल्कि रोहित शर्मा की कप्तानी में वेस्टइंडीज से टी20 सीरीज खेल रही है. आज पहले टी20 मैच के अंदर पहले ही ओवर में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव का गुस्सा नजर आया है. आइए आपको दिखाते हैं कि किस तरीके से उमेश यादव मैदान के ऊपर पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी क्रुणाल पांड्या के ऊपर गुस्सा निकालते हुए नजर आए हैं-

उमेश यादव का इतना गुस्सा आज तक आपने नहीं देखा होगा

krunal pandya and umesh yadav fight 1st t20 दरअसल किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए टीम इंडिया में पहला मैच खेलना काफी दवाब भरा होता है. क्रुणाल पांड्या आज टीम इंडिया के लिए टी20 में अपना पहला मैच खेल रहे हैं. krunal pandya and umesh yadav fight 1st t20 पहले ही ओवर की दूसरी ही गेंद पर क्रुणाल पांड्या को लंबी दौड़ लगानी पड़ी और गेंद को रोकने के लिए भागना पड़ा लेकिन जिस तरीके से मैदान पर ओस पड़ रही है वहां पर गेंद को रोकना काफी मुश्किल है. यह गेंद एक बार को तो क्रुणाल पांड्या ने रोक ली थी लेकिन तभी उनके हाथों से गेंद निकल गई और सीधे जाकर यह गेंद सीमारेखा से टकरा जाती है. krunal pandya and umesh yadav fight 1st t20 यही कारण है कि उमेश यादव क्रुणाल पांड्या के ऊपर गुस्सा करते नजर आए, कि जो गेंद रुक सकती थी आखिर वह क्यों नहीं रोकी गई है. वैसे उमेश यादव का गुस्सा सही भी था और इसको गलत नहीं ठहराया जा सकता है.

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